सिद्ध त्वचा कल्पचुर्ण

         *दाद ,खाज खुजली,एक्जिमा, सोरासिस के लिए रामबाण*
                      अयूर्वादिक दवा
                  *सिद्ध त्वचा कल्पचुर्ण*

*हर्पिस की जलन, खाज, खुजल औऱ दर्द में कारगर*

   *किसी भी प्रकार की त्वचा इंफेक्शन के लिए*
हाथ पैर की उंगलियों के फटना,खुश्क चमड़ी ,
धाफरी, शीतपित्त, सीतपित, पिती उछलना ये सभी एक ही बिमारी के नाम हैं जिसको अरटीकेरिया भी कहते हैं।  एलौपैथी में जिसका  जड़ से इलाज नहीं है।  आयुर्वेद में जड़ से इलाज है। 

दाद, खाज ,खुजली,एक्जिमा औऱ सोरासिस की रामायण दवा।

         *पुरी जानकारी तहत पोस्ट पूरा पढे*

          अगर हमारे शरीर में कहीं भी कुछ हलचल हो रही है या ऐसा लग रहा हो कि कुछ काट रहा है तो हम शरीर के उस हिस्सें को हाथों से रगड़ देते हैं तो हमें थोड़ी शान्ति मिलती है इसे ही खाज-खुजली कहते हैं। यह “सारकोप्टीस स्केवी´´ नाम के रोगाणु से फैलती है और यह मुख्यत: दो तरह की होती है- तर (गीली) और सूखी।
कारण :

         गर्मी के मौसम में शरीर में बहुत ज्यादा पसीना आता है और जब यह पसीना त्वचा पर सूख जाता है तो खुजली पैदा हो जाती है। बाहर निकलने पर जब धूल-मिट्टी शरीर पर लगती है तो भी खुजली पैदा हो जाती है। रोजाना न नहाना भी खुजली होने का बहुत बड़ा कारण है। सर्दी के मौसम में ठंड़ी हवा जब शरीर में लगती है तो शरीर की त्वचा सूखकर खुरदरी सी हो जाती है और उसमें तेज खुजली होने लगती है ज्यादा जोर से खुजालने पर त्वचा में निशान से पड़ जाते हैं और उनमें तेज जलन होती है। खुजली एक फैलने वाला रोग है। घर के अन्दर अगर किसी एक व्यक्ति को खुजली हो जाती है तो उसके साथ वाले सारे लोग भी खुजली के शिकार हो जाते हैं।

लक्षण :

         खुजली बहुत तेजी से फैलने वाला त्वचा का रोग है। इस रोग में सबसे पहले शरीर में छोटी-छोटी फुंसिया निकल जाती है। यह फुंसिया हाथ-पैरो में, उंगलियों में, कलाई के पीछे के भाग में और बगल में ज्यादा निकलती है और धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाती है। यह अक्सर लाल रंग के निशान के रूप में दिखाई देती है। यह खराब चीजों को छूने से, गलत इंजैक्शन के लग जाने के कारण या संक्रमण होने के कारण हो जाती है।

                    सिद्ध अयूर्वादिक
                               दवा
   *सिद्ध त्वचा कल्पचुर्ण*
त्रिफला – 200 ग्राम
कुटकी 100 ग्राम
चरायता 100 ग्राम
गिलोय-100 ग्राम
शंखपुष्पी-100 ग्राम
नीम चुर्ण-100 ग्राम
अजवाइन -100 ग्राम
गोरखमुण्डी-100 ग्राम
तुलसी चुर्ण -100 ग्राम
पित्तपापड़ा-100 ग्राम
काकड़ासिंगी-100 ग्राम
कलौंजी-100 ग्राम
कूठ-50 ग्राम
हारसिंगार-50 ग्राम
चित्रक -50 ग्राम
आम्बा हल्दी –50 ग्राम
अपामार्ग-50 ग्राम
महुआ छाल चुर्ण-50 ग्राम

सभी चुर्ण को 300 ग्राम एलोवेरा रस में मिलाकर धूप में सूखा ले।

सेवन विधि
दिन में 3 बार एक एक चम्मच पानी के साथ लेते रहे।
★★
21 दिन उपयोग करे
अगर रोग पुराना हो तो 90 दिन का कोर्स करे।
★★
परहेज
तली ,खट्टी और आचार बिल्कुल बंद कर दे।
नोट: बनाते समय आयुर्वेदिक सामग्री सही ले।
        
★★
अगर जिदी दाद हो।
जिदी दाद हो साथ यह करे

दाद खाज की सिर में खुजली होने पर 25 ग्राम पिसा हुआ लहसुन, 50 ग्राम पानी और 100 ग्राम सरसों का तेल इन सबको मिलाकर पानी जल जाने तक गर्म करे. ठंडा हो जाने पर छानकर शीशी में भर लें. इस तेल की सिर पर मालिश करने से दाद व खाज के वजह से सिर में हो रही खुजली मिट जाती है. इसका प्रयोग पुरे शरीर में कहीं भी किया जा सकता है.

****

लहसुन को मैदे की तरह बारीक पीसकर शुद्ध शहद में मिलाकर दाद पर दिन में 3-4 बार लगाते रहने से दाद का तुरंत इलाज होता है. बहुत जल्दी ठीक होते है.

***
दाद को खुजला कर दिन में चार बार नींबू का रस लगाने से दाद ठीक हो जाते हैं।

Online दवा मंगवा सकते हैं।
Whats 941-78-622-63

Email~sidhayurveda1@gmail.com

https://ayurvedasidh.blogspot.in/2018/05/blog-post_27.html

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Published by sidh ayurvedic

हम आप जी के परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। इस सेवा में हम आप को आयुर्वेदिक औषधियों, नुस्खे, रोग की जानकारी औऱ समाधान प्रदान करते हैं। आयुर्वेद अनुसार जब आप स्वस्थ्य होते या रहते हैं तो हमे लगता है हम सही आयुर्वेद की सेवा में सही काम कर रहे हैं। यही हमारी ख़ुसी है। और जानकारी के लिए आप whats कर सकते है Whats 94178 62263

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