सिद्ध लकोरिया नाशक कल्पचुर्ण

सिद्ध अयूर्वादिक

        ★सफ़ेद पानी (लकोरिया ) की दवा★

Online मगवाएँ-94178 62263

श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिआ या लिकोरिया (Leukorrhea) या “सफेद पानी आना” स्त्रिओं का एक रोग है जिसमें स्त्री-योनि से असामान्य मात्रा में सफेद रंग का गाढा और बदबूदार पानी निकलता है और जिसके कारण वे बहुत क्षीण तथा दुर्बल हो जाती है। महिलाओं में श्वेत प्रदर रोग आम बात है।
ल्‍यूकोरिया स्त्री की योनि से जुड़ी एक बहुत ही सामान्य स्थिति है। योनि मार्ग से आने वाले सफेद और चिपचिपे गाढ़े स्राव को ल्‍यूकोरिया कहते हैं। कभी-कभी योनि से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने के लिए यह सामान्य होता है। लेकिन कई बार योनि से निकलते स्राव में ज़्यादा चिपचिपापन, जलन, खुजली, गंध होती है जिसके कारण यह ज़्यादा परेशानी का कारण बनता है।

लिकोरिया होने के लक्षण :

★पेट के निचले हिस्से और टांगो में दर्द रहना
★बार बार पेशाब आना
★योनी के आस पास खुजली होना
★सम्भोग के दौरान दर्द महसूस होना
★थकावट ज्यादा रहना
★कब्ज़ होना
★गर्भ न ठहरना
★खाया पीया न लगना।
★ शरीर का कमजोर होना।

★★★
लकोरिया की दवा

कौंचबीज बीज 100 ग्राम
आवला चुर्ण     100  ग्राम
तुलसी बीज     100  ग्राम
कीकर फली     100  ग्राम
सतावरी           100  ग्राम
सफेद मूसली    100  ग्राम
मिश्री               100  ग्राम
बड़ दूध              50 ग्राम
शतावरी            50 ग्राम
मुलहठी            50 ग्राम
छोटी इलायची के बीज 25 ग्राम
सभी लो मिलाकर चुर्ण बनाए।
200 ग्राम ब्रह्मिबुटी के काढ़े में भावना जरूर दे।

कैसे सेवन करे।
दिन में 3 बार 1-1चमच्च पानी से ले।
कम से कम 21 दिन कोर्स करे।
अगर पुराना लकोरिया रोग है तो 90 दिन कोर्स करे।
★★
साथ मे यह जरूर करे
नीम पत्ती 200 ग्राम 100 ग्राम फिटकरी को 2 लीटर
में उबालकर कर बोतल में भर ले।

दिन में 5 से 7 वार इस पानी से योनि की सफाई करे।
या

योनी की साफ-सफाई का समुचित ध्यान रखें, इसके लिए आप गुनगुने पानी में कुछ बूँद डेटॉल का डालकर साफ करें।

सेक्स करने के बाद अपने प्राइवेट पार्ट को धोना न भूलें।

यूरिन पास करने के बाद पानी से साफ करें।

सेक्स के समय कंडोम क प्रयोग करें।

अपने अंडरगारमेंट को अच्छे से साफ करें।

★★
        ★लिकोरिया में खान-पान और परहेज★

आहार कारक leucorrhea में एक प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। आहार खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, फलों और डेयरी उत्पाद का सेवन भी मददगार है। मुख्य रूप से फल और सब्जियों विशेष रूप से केला, क्रैनबेरी, नारंगी, नींबू, काले प्लम, भिन्डी, पत्तेदार साग, प्याज, भूरा चावल, दही, साथ ही जड़ी-बूटियों और मसालों जैसे अदरक, लहसुन, मेथी और धनिया आदि खाने चाहिए। दैनिक आधार पर एक या दो पके केले खाएं। ताज़ा क्रैनबेरी रस का एक गिलास पियें। बहुत से खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें नहीं खाना चाहिए जैसे अंडे, मांस, रोटी, मशरूम, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं जिन्हें किण्वित किया गया है।

दवा online मंगवा सकते हैं।
किसी भी शरीरक  स्मयसा के लिए  contact करे।
Whats 94178 62263
Email-sidhayurveda1@gmail.com
http://www.ayurvedasidh.blogspot.com/

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