सिद्ध सफ़ेद दाग नाशक कल्पचुर्ण

सिद्ध अयूर्वादिक

           ★सफ़ेद दाग की अयूर्वादिक दवा★

             *सफ़ेद दाग नाशक कल्पचुर्ण*

त्रिफला         100 ग्राम
इंद्राणी अजवाइन 100 ग्राम
नीम पंचाग    100 ग्राम
तुलसी पंचाग 100 ग्राम
गिलोय चुर्ण   100 ग्राम
अखरोट        100 ग्राम
ग्राम हल्दी      50 ग्राम
शीतलचीनी     50 ग्राम
सोना गेरू       50 ग्राम
बावची           50 ग्राम
मंजीठ            20 ग्राम
कुटकी            20 ग्राम
बच                20 ग्राम

सभी चुर्ण को 200 ग्राम एलोवेरा रस में मिलाकर कर दूप में सुखा लें।
★★
सेवन विधि
दिन 3 बार  1-1 चम्मच 1 ग्लॉस छाछ से ले।
छाछ न मिले तो पानी से ले।

प्रतिदिन 3 से 4 बादाम और 30 से 50 ग्राम भीगे काले चने खाए।

★★
नॉट करे÷
इलाज थोड़ा जटिल होता है कृपया विश्वास से 3 से 9 महीने तक दवा का ओर तेल का सेवन करे।
★★
प्राकृतिक उपचार-
सफेद दाग के रोग में सुबह-सुबह उठकर सैर करना चाहिए।

सफेद दाग में एनिमा लेना लाभदायक रहता है।
सफेद दाग वाले स्थान पर 2 मिनट तक गर्म सिंकाई करें और 3 मिनट तक ठंड़ी सिकाई करें।

धूप का स्नान सफेद दाग के रोग में काफी लाभदायक रहता है।

             सफेद दाग के रोग में चमड़ी के ऊपर का भाग सफेद हो जाता है जिसे सफेद दाग या श्वेत कुष्ठ कहते हैं। इस रोग में शरीर में कही दर्द नहीं होता है और न ही यह फैलने वाला रोग है।

भोजन और परहेज :

सफेद दाग के रोग में भोजन हमेंशा ताजा और शाकाहारी करना चाहिये।

सफेद दाग से पीड़ित रोगी को त्रिफला के पानी में भिगोए हुए अंकुरित चने, मूंग, पालक, गाजर, परवल, बथुआ, चोकर के आटे की रोटी, कैल्शियम और विटामिन `डी´ वाली चीजों का सेवन करना चाहिए और शरीर में सूरज की किरणे लगानी चाहिए।
रोगी को जिस भोजन को खाकर ठंड़क मिले वो ही भोजन करना चाहिये।

सफेद दाग के रोग में भोजन में खट्टे पदार्थ, तेल, लालमिर्च और गर्म मसालों का सेवन बन्द कर देना चाहिये और नमक भी कम खाना चाहिए।

सफेद दाग के रोग में मांस बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
सफेद दाग के रोग से ग्रस्त रोगी को मीठी चीजों का सेवन कम करना चाहिए।
,◆◆◆

सफ़ेद दाग के तेल खुद बनाए।
नुस्खा नो -1

➡ अवश्यक सामग्री :
बावची तेल 10 मिली
चाल मोगरा तेल 10 मिली
लौंग तेल 10 मिली
दालचीनी तेल 10 मिली
तारपीन तेल 10 मिली
श्वेत मिर्च का तेल 20 मिली
नीम तेल 40 मिली

➡ सप्त तेल तैयार करने की विधि और लगाने का तरीका :
इन सात तेल को मिला कर अच्छी तरह सुबह शाम मालिश करे या लगाये कितना भी पुराना श्वेत कुष्ठ हो इस तेल के योग से पूरी तरह से ठीक हो जाता है हा एक बात जरुर है इसमें चार से सात माह का समय लगता है ।

अत : निराश नहीं होना चाहिए और ये प्रयोग निरंतर करते रहना चाहिए और अगर किसी तरह का कोई उपद्रोव नजर आये तो इसमें 50 मिली नारियल तेल मिला सकते है।
इससे इसकी शक्ति कम हो जायेगी पर घबराना नहीं चाहिये कुछ समय और लग सकता है।
★★
नुस्खा नो- 2

10 ग्राम हरताल, 20 ग्राम गंधक, 10 ग्राम मैनसिल, 10 ग्राम नीला थोथा, 10 ग्राम मुर्दाशंख, 10 ग्राम सिंदूर, 10 ग्राम सुहागा और 10 ग्राम पाराभस्म को एक साथ पीसकर आधे कप नींबू के रस में मिलाकर लगातार 2 महीने तक सफेद दागों पर लगाए।

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सिद्घ अयूर्वादिक

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