सिद्ध नारीशक्ति कल्पचुर्ण

*आयुर्वेदिक दवा*
*ओवेरियन सिस्ट के लिए*
*सिद्ध नारीशक्ति कल्पचुर्ण*
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*कई महिलाओं को ये समस्‍या हारमोन्‍स के असंतुलन की वजह से होती है। ऐसे में हर्ब्‍स बहुत ही सहायक होती हैं। अलसी, तिल आदि का सेवन लाभकारी होता है और ये उस सिस्‍ट हो खत्‍म कर देते हैं। साथ ही नए सिस्‍ट को बनने से रोकते हैं।*

*अधिकांश महिलाऐं जो ओवेरियन सिस्ट की समस्या का सामना करती हैं उनमें कुछ खास लक्षण एक से देखे जा सकते हैं जिनमें कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं- ओवरी या अंडाशय में दर्द, सूजन, अनियमित मासिक धर्म, मूत्र से संबंधित समस्या, सेक्स के दौरान दर्द का अनुभव और वजन का बढ़ना.*

*अगर आपको बहुत ही गंभीर या तेज़ श्रोणि में दर्द, बुखार, चक्कर आना, जल्दी जल्दी सांस लेना या योनि में थोड़े थोड़े खून के धब्बों के साथ दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो यह दवा इस्तेमाल करे।*
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*क्या है अयूर्वादिक दवा*

सिद्ध नारीशक्ति कल्पचुर्ण
अलसी 200 ग्राम
सौंठ भुनी 100 ग्राम
बादाम भूनकर 100 ग्राम
काले तिल 100ग्राम
गिलोय चूर्ण 50 ग्राम
आंवला चूर्ण। 50 ग्राम
छोटी हरड़। 5 0 ग्राम
तुलसी पाचांग- 50 ग्राम
चरायता चूर्ण 40 ग्राम
अजमायण -40 ग्राम
मलॅठी। -10 ग्राम
काली मिर्च -10 ग्राम
सभी चूर्ण को मिलाकर रख ले ।
*पुनर्वा,खोखरू, हल्दी और 7 और महत्वपूर्ण जड़ी बूटी से तैयार और एलोवेरा रस युक्त।*

*सेवन विधि- दिन मे 4 बार 2-2 ग्राम 3-3 घंटे बाद लेते रहे।*
दवा पानी से ले ऊपर से 250 ग्राम गर्म दूध ले सकते हैं।
★★
परहेज और आहार
लेने योग्य आहार
डर्मोइड सिस्ट से मुकाबला करने में सहायक आहारों में हैं:
फल
भाररहित स्टार्च युक्त सब्जियाँ गाजर, टमाटर, सब्जियों का सलाद।
मछली
ग्लूटेन रहित अनाज
साबुत चावल
कच्चे मेवे और गिरियाँ।
औषधीय गुणों वाली वनस्पतियाँ, पत्तियाँ और लहसुन।
पानी की अधिक मात्रा।
इनसे परहेज करें
पारंपरिक डेरी उत्पाद
सफ़ेद शक्कर
सफ़ेद चावल/ मैदा।
हाइड्रोजनेटेड तेल।
ग्लूटेनयुक्त अनाज।
रेड मीट और वसायुक्त मीट।
प्रोसेस्ड आहार
शराब

*जरूरी ध्यान दे*
अगर आप ओवरियन सिस्ट से पीड़ित हैं तो ज़रूरी है कि आप पेय पदार्थों का ज़्यादा से ज़्यादा सेवन करें। एल्कलाइन पानी पीने की कोशिश करें।

आप एक ग्लास पानी में एक नींबू निचोड़कर भी डाल सकते हैं। पानी आपके शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में मदद करता है और अंदर से इलाज भी करता है। इससे आपका अंडाशय में सिस्ट की वजह से होने वाले दर्द और सूजन से भी आराम मिलता है।

पानी के साथ साथ आप नारियल का पानी और हरी सब्ज़ियों के जूस भी पी सकते हैं। शराब, कॉफी और कोक, पेप्सी आदि न पीएं।

★★★★

साथ मे यह जरूर करे।
*ओवेरियन सिस्ट के लिए सेंधा नमक का प्रयोग*

सेंधा नमक बाथ अंडाशय में सिस्ट से जुड़े लक्षणों और दर्द को दूर करने में बहुत ही मदद करता है।

सेंधा नमक में मौजूद सल्फेट मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है जिससे दर्द से आपको राहत मिलती है।

★सेंधा नमक का इस्तेमाल कैसे करें ★

★सबसे पहले एक कप सेंधा नमक को अपने टब या बाल्टी में डाल लें और फिर उसे गर्म पानी से भर लें।
अब उसमे लैवेंडर के तेल, गुलाब या जैस्मिन के तेल की दस बूँदें डालें।

★फिर उस पानी को अच्छे से चलाते रहे जिससे नमक पूरी तरह से घुल जाए।

★अब 20 से 30 मिनट के लिए अपने निचले धड़ को उसमे डुबो दें या फिर उस पानी का इस्तेमाल पेट के निचले क्षेत्र पर करें ।

★इस उपाय को रोज़ाना पूरे दिन में एक बार ज़रूर दोहराएं।

★★★
ओवेरियन सिस्ट के लिए गर्म कपड़े से सेक करें –

गर्माहट मांसपेशियों की ऐठन या अंडाशय में सिस्ट की वजह से पेट के निचले हिस्से में दर्द के लिए काफी प्रभावी है।

हीटिंग पैड का इस्तेमाल कैसे करें –

सबसे पहले हीटिंग पैड या गर्म बोतUल को अपने पेट के निचले हिस्से पर रख लें।

इसे 15 मिनट के लिए ऐसे ही रखे रहने दें।
इस उपाय को तब तब करें जब जब आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो।
★★★★

इसमें बादाम का उपयोग करे

बादाम एक मैग्नीशियम से समृद्ध आहार है जो ओवरियन सिस्ट की वजह से होने वाली दर्दभरी ऐठन को दूर करने में मदद करता है

बादाम का इस्तेमाल चार तरीकों से करें –

पहला तरीका –

रोज़ाना भुने बादाम को खाएं इससे आपको दर्द और असहजता से आराम मिलेगा।

दूसरा तरीका –

इसके अलावा आप बादाम के तेल से पेट की निचले हिस्से में मसाज करें। इससे दर्द और फूलने की समस्या से आराम मिलेगा।

तीसरा तरीका –

अच्छा परिणाम पाने के लिए, आप बादाम के तेल में जैस्मिन की कुछ बूँदें मिलाएं और फिर इसे मसाज की तरह इस्तेमाल करें।

चौथा तरीका –

आप एक चम्मच बादाम के तेल को एक ग्लास गर्म दूध में डालकर पी सकते हैं .
इस मिश्रण रोज़ाना एक बार ज़रूर पियें।
■■■
*चकुंदर जरूर सेवन करे*

चुकंदर में बीटासियनिन (betacyanin) यौगिक होता है जो सिस्टम से विषाक्त पदार्थों को साफ़ कर लीवर की क्षमता को बढ़ाता है। इसके साथ ही इसके अल्कलाइन गुण शरीर में एसिडिटी को संतुलित करते हैं। इससे अंडाशय में सिस्ट से होने वाले लक्षणों को दूर करने में मदद मिलती है।

चुकंदर का इस्तेमाल कैसे करें –

सबसे पहले एक या आधा कप ताज़ा चुकंदर का जूस निकाल लें।

अब एक चम्मच एलो वेरा जेल और शीरा को इसमें मिला दें।

इस मिश्रण को अच्छे से चलाने के बाद पी जाएँ।
इस मिश्रण को अपने नाश्ते के बाद रोज़ाना एक बार ज़रूर पियें।

इस उपाय को तब तक दोहराएं जब तक इसके लक्षण दूर न हो जाएँ।

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sidh ayurvedic

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